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दिल्ली रोहिणी में प्रेग्नेंट महिला सब-इंस्पेक्टर ने दुकानदार को थप्पड़ मारा, FIR दर्ज

Kavita2
6 April 2026 10:59 AM IST
दिल्ली रोहिणी में प्रेग्नेंट महिला सब-इंस्पेक्टर ने दुकानदार को थप्पड़ मारा, FIR दर्ज
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Delhi दिल्ली: रोहिणी सेक्टर 7 में एक 78 साल के बुज़ुर्ग दुकानदार के साथ हुई विवादित घटना में दिल्ली पुलिस की एक महिला सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना तब हुई जब दुकानदार ने अपनी दुकान के सामने गाड़ी पार्क करने पर विरोध जताया।

सूत्रों ने बताया कि महिला सब-इंस्पेक्टर, जो प्रेग्नेंट हैं, अपने पति के साथ मेडिकल चेक-अप के लिए इलाके में आई थीं। उन्होंने दुकानदार से कुछ मिनट के लिए गाड़ी पार्क करने की अनुमति मांगी और विज़िट के बाद उसे हटाने का आश्वासन भी दिया। हालांकि, दुकानदार ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, जिससे दोनों के बीच बहस हुई।

फिर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि महिला ने दुकानदार को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद इलाके में हलचल मच गई और मामले की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सब-इंस्पेक्टर ने खुद यह स्थिति अधिकारियों को बताई और कहा कि उनका इरादा गाड़ी पार्क करने का अस्थायी अनुमति लेने का था, न कि किसी को चोट पहुँचाने का। उनका कहना था कि दुकानदार ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर विवाद बढ़ा दिया।

स्थानीय लोग और दुकानदार ने बताया कि यह घटना काफी तनावपूर्ण थी और इलाके में मौजूद कुछ लोग इसे देखते ही शांत करने का प्रयास कर रहे थे। इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि पुलिसकर्मी अपनी अधिकार क्षमता का इस्तेमाल किस हद तक कर सकते हैं।

हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। इस जांच में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और CCTV फुटेज जैसी सामग्री की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

वहीं, महिला सब-इंस्पेक्टर फिलहाल अपने मेडिकल चेक-अप और गर्भावस्था के कारण सक्रिय ड्यूटी पर नहीं हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने दिल्ली में पुलिसकर्मियों के आचार और जनता के साथ उनके व्यवहार पर भी चर्चा शुरू कर दी है। नागरिकों का कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे व्यक्ति पुलिसकर्मी ही क्यों न हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है—पुलिसकर्मी की सुरक्षा और अधिकार की रक्षा करते हुए आम नागरिक के अधिकारों की भी रक्षा हो। FIR के बाद अब जांच की निगरानी और पारदर्शिता पर ध्यान दिया जाएगा।

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